अनिद्रा (इनसोम्निया) – Insomnia in Hindi

do you have insomnia, insomnia meaning in hindi, do you know you have insomnia, sleep disorder
do you have insomnia, insomnia meaning in hindi, do you know you have insomnia, sleep disorder

अनिद्रा (इनसोम्निया) क्या है और इससे कैसे बचाव करें

  • अनिद्रा (इनसोम्निया) नींद की बीमारी का एक प्रकार है जिसमें या तो नींद नहीं आती है या सोने के बाद भी नींद पूरी नहीं होती है या फिर दोनों|
  • ऐसे लोग जिनको अनिद्रा (इनसोम्निया) की शिकायत होती है वो नींद से उठने के बाद खुदको तरो ताज़ा महसूस नहीं करते हैं और दिन भर सुस्त और थके हुए रहते हैं |
  • यह एक आम समस्या है जिसका सामना हर कोई अपनी ज़िन्दगी में कभी न कभी करता है|
  • लेकिन आजकल के व्यस्त जीवन में शायद ही कोई शख्स होगा जो इस समस्या से परेशान ना हो|
  • इस नींद की बीमारी में सोने के लिए पर्याप्त समय होने के बावजूद भी, कुछ लोगों को नींद नहीं आती है, जबकि कुछ लोगों को नींद आती है लेकिन बार-बार नींद से जागते हैं|
  • अनिद्रा (इनसोम्निया) कई तरह से प्रकट हो सकती है जैसे- बहुत देर तक नींद ना आना, सोने के बाद बार बार नींद उचट जाना या बिलकुल भी नींद न आना|
insomnia

विषय सूची :-

  1. इनसोम्निया (अनिद्रा) के प्रकार – Types of insomnia in Hindi
  2. अनिद्रा (इनसोम्निया) के संकेत और लक्षण – Insomnia symptoms in Hindi
  3. अनिद्रा (इनसोम्निया) के कारण – Insomnia causes in Hindi
  4. बच्चों में नींद ना आने के कारण – Cause of insomnia in children in Hindi
  5. अनिद्रा (इनसोम्निया) का उपचार – Insomnia treatment in Hindi
  6. इनसोम्निया का घरेलु उपचार – Home remedies for insomnia in Hindi
  7. यूनानी दवाओं से अनिद्रा का इलाज – Unani medicine for insomnia in Hindi
  8. आयुर्वेदिक दवाओं से अनिद्रा का उपचार – Ayurvedic medicine for insomnia in Hindi
  9. होम्योपैथिक दवाओं से अनिद्रा का इलाज – Homeopathic medicine for insomnia in Hindi

अनिद्रा (इनसोम्निया) के प्रकार – Insomnia types in Hindi

इनसोम्निया (अनिद्रा) कितने प्रकार का होता है ?

अनिद्रा (इनसोम्निया) दो प्रकार का होता है –

  1. तीव्र अनिद्रा (प्राइमरी इनसोम्निया) – Acute insomnia in Hindi
  2. दीर्घकालिक अनिद्रा (क्रोनिक या सेकंडरी इनसोम्निया )- Chronic insomnia in Hindi

एक्यूट इनसोम्निया (प्राइमरी इनसोम्निया) – Acute insomnia in Hindi

प्राइमरी इनसोम्निया किसे कहते हैं ?

  • ऐसी अनिद्रा जो कुछ दिन या कुछ हफ्तों तक रहती है उसे तीव्र अनिंद्रा (एक्यूट इनसोम्निया) कहते हैं |
  • ये अक्सर तनाव, काम का दबाव, पारिवारिक समस्या, अपने किसी पिर्यजन को खोने, किसी प्रिय चीज़ के ना मिलने की वजह से हो सकता है|
  • इसे प्राइमरी इनसोम्निया भी कहते हैं, क्यूंकि ये किसी दूसरे स्वास्थ्य सम्बंधित बीमारी की वजह से नहीं होता है|

2.क्रोनिक इनसोम्निया (सेकंड्री इनसोम्निया) – Chronic insomnia in Hindi

क्रोनिक इनसोम्निया की क्या वजह है ?

  • अनिद्रा(इनसोम्निया) जो कुछ हफ्तों से लेकर लम्बे समय तक बनी रहती है उसे क्रोनिक इनसोम्निया कहते हैं|
  • इस दीर्घकालिक अनिद्रा की वजह काम का दबाव, पारिवारिक समस्या, अपने किसी पिर्यजन को खोने, किसी प्रिय चीज़ के ना मिलने की वजह से भी हो सकती लेकिन इसका जो मुख्य कारण होता है वो अक्सर दुसरे स्वास्थ्य सम्बंधित परेशानियों या दवाओं से जुड़ा होता है, इसीलिए इसे सेकंड्री इनसोम्निया भी कहते हैं |

और पढ़ें :-  हार्ट अटैक के बाद क्या खाना चाहिए

और पढ़ें:- ह्रदय सम्बंधित छाती के दर्द और गैर ह्रदय सम्बंधित छाती के दर्द की पहचान

Also read:- Difference between Cardiac and Non Cardiac chest pain

और पढ़ें:- हार्ट अटैक के कारण , लक्षण , बचाव और इलाज के बारे में

अनिद्रा (इनसोम्निया) के संकेत और लक्षण – Insomnia symptoms in Hindi

क्या अनिद्रा (इनसोम्निया) बीमारी है ?

अनिद्रा (इनसोम्निया) को नींद न आने की बीमारी के अलावा एक लक्षण के रूप में भी देखा जाता है जो इस बात की तरफ इशारा करता है कि आप मानसिक रूप से परेशान या अस्वस्थ हैं या कोई और स्वास्थ्य सम्बंधित समस्या से ग्रसित हैं|

अनिद्रा (इनसोम्निया ), insomnia, sleeplessness, sleep disorder

अनिद्रा (इनसोम्निया) के लक्षण इस प्रकार हैं – 10 Signs of Insomnia

  1. रात को सोने में परेशानी
  2. सोने के बाद बार बार नींद उचट जाना
  3. बहुत जल्दी सोकर उठ जाना
  4. चिड़चिड़ापन या चिंता का बढ़ जाना
  5. एकाग्रता और याददाश्त की समस्या
  6. गलतियों और दुर्घटनाओं का बढ़ जाना
  7. नींद के बारे में चिंता करना
  8. दिन में नींद आना
  9. थकान महसूस होना
  10. सर दर्द होना आदि|

अनिद्रा (इनसोम्निया) के कारण क्या हैं? – Insomnia causes in Hindi

  • नींद न आने के कई संभावित कारण हो सकते हैं|
  • आपके अनिद्रा (इनसोम्निया) का कारण आपके सोने के समय पर और सोने के अनुभव पर भी निर्भर करता है |

अनिद्रा (इनसोम्निया) के कारण इस प्रकार हैं

एक्यूट इनसोम्निया( प्राइमरी इनसोम्निया) के कारण – What are the Causes of acute insomnia ?

  • तनाव – तनाव इनसोम्निया का सबसे सामान्य वजह है, जो कई कारणों की वजह से हो सकता है जैसे -काम का दबाव, पारिवारिक समस्या, वैवाहिक जीवन में असंतुलन, अपने काम से असंतुष्टि, अपने किसी प्रियजन की बीमारी या मौत का आघात, अपनी किसी प्रिय चीज़ को खो देना, अपने किसी खास से प्यार का इज़हार न कर पाना, पारिवारिक दबाव, किसी चीज़ का डर आदि |
  • सोने के समय में बदलाव – अगर आप बार बार सोने के समय में बदलाव करते हैं अथवा अगर आपके कार्य का समय बदलता रहता है कभी रात तो कभी दिन ऐसी स्थिति में भी आपको इनसोम्निया का सामना करना पड़ सकता है|
  • अगर आप सोने से पहले बहुत ज्यादा खाना खाते हैं और खाकर तुरंत लेट जाते हैं तो इसकी वजह से काफी ज्यादा एसिडिटी होती है और धीरे धीरे ये इनसोम्निया का कारण बन जाता है|
  • इसके अलावा एक और सबसे खास कारण है जो आजकल बहुत ही सामान्य है, कि अगर आप सोने से पहले काफी देर तक टेलीविज़न या मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं तो ये आपके लिए घातक हो सकता है और इसकी शुरुआत इनसोम्निया के रूप में होती है|
  • इनसोम्निया का एक और आम कारण है कि अगर आप बहुत ज्यादा चाय या कॉफ़ी का इस्तेमाल करते हैं खासकर सोने के कुछ समय पहले तो आपको इस समस्या का सामना करना पड़ सकता है|
  • अगर आपको सोने से पहले बहुत ज्यादा पेय पदार्थ के सेवन की आदत है जिसकी वजह से बार बार पेशाब के लिए उठाना पड़ता है तो आपको इनसोम्निया हो सकता है|
  • शराब का ज्यादा सेवन भी इस समस्या की वजह बन सकता है|

क्रोनिक इन्सोमिया(अनिद्रा) के कारण – What are the causes of chronic insomnia?

लॉन्गटर्म इनसोम्निया के क्या कारण हैं?

अगर प्राइमरी इनसोम्निया की समस्या लम्बे समय तक बनी रहती है तो ये भी सेकंड्री इनसोम्निया का रूप ले लेती है|

इसके अलावा दुसरी स्वास्थ्य सम्बंधित समस्यायें और कुछ दवाओं की वजह से क्रोनिक इनसोम्निया सकती है| जैसे –

  • मानसिक बीमारी में इनसोम्निया की समस्या हो सकती है|
  • इसके अलावा अस्थमा, ब्लड प्रेशर की शिकायत(हाई और लो), ह्रदय की बीमारी , एसिडिटी, डायबिटीज, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप अप्निया, रेस्टलेस लेग सिंड्रोम आदि|
  • बहुत सारी दवाओं के इस्तेमाल कि वजह से भी ये समस्या हो सकती है, जैसे- ब्लड प्रेशर,मानसिक विकार , अस्थमा आदि में इस्तेमाल होने वाली दवाएं|
  • प्री और पोस्ट मेनोपौज के दौरान महिलाओं में इनसोम्निया की शिकायत हो सकती है|

बच्चों में नींद ना आने का कारण – What are the causes of sleeplessness in infants or children?

  • बड़ों की तरह बच्चों में भी नींद न आने की समस्या होती है जो खासकर 6 महीने के बाद शुरू होती है |ये किसी बीमारी, पेट दर्द, गैस , पाचन समस्या या भूख की वजह से हो सकता है|
  • जब बच्चों में दांत निकलने शुरू होते हैं तब भी ये समस्या हो सकती है|

अनिद्रा (इनसोम्निया) का उपचार क्या है? – Insomnia treatment in Hindi

 

अनिद्रा (इनसोम्निया)
Different causes of good and bad sleep flat icons on light background retro cartoon

नींद ना आने की समस्या को कैसे दूर कर सकते हैं ?

6 tips to get rid of insomnia-

  1. अनिद्रा का इलाज इसके कारणों पर निर्भर करता है|
  2. कुछ प्रकार के अनिद्रा का समाधान तब तक संभव नहीं है जब तक कि उसके अन्तर्निहित कारणों का उपचार न किया जाये या उनको न हटाया जाये|
  3. आप डॉक्टर के परामर्श के साथ उन बीमारियों का इलाज करें जिसकी वजह से नींद न आने की कठिनाई शुरू हुयी हो|
  4. अपने डॉक्टर से परामर्श करके ऐसी दवाओं को बंद करना जिससे इनसोम्निया विकसित हुआ है या हो रहा है|
  5. दवाओं से उपचार जैसे – स्लीपिंग पिल्स , एंटीडेपरेसेंट आदि|(नोट :- डॉक्टर के परामर्श के बिना इन दवाओं का इस्तेमाल न करें)
  6. संज्ञानात्मक व्यवहारवादी रोगोपचार(Cognitive behavioral therapy)- एक प्रकार का मनोचिकित्सा उपचार है जो रोगियों के व्यवहार को समझने वाले विचारों और भावनाओं को समझने में मदद करता है|

और पढ़ें:- ह्रदय सम्बंधित छाती के दर्द और गैर ह्रदय सम्बंधित छाती के दर्द की पहचान

Also read:- Difference between Cardiac and Non Cardiac chest pain

और पढ़ें:- हार्ट अटैक के कारण , लक्षण , बचाव और इलाज के बारे में

और पढ़ें :-  हार्ट अटैक के बाद क्या खाना चाहिए

अनिद्रा (इनसोम्निया) का घरेलु उपचार – 17 Home remedies for insomnia

 

अनिद्रा (इनसोम्निया)
  • अपनी जीवन शैली में बदलाव लायें|
  • शराब और धुम्रपान त्यागने का प्रयत्न करें, सोने से पहले इनका इस्तेमाल बिलकुल भी न करें|
  • खुदको अकेला न रखें घरवालों या दोस्तों के साथ समय बिताएं, इससे आपका तनाव दूर होने में मदद मिलेगी|
  • अपने विचारों को किसी ऐसे शख्स के साथ साझा करें जिसपर आपको विश्वास हो, अपनी बातों को साझा करने से मन हल्का होता और अच्छा प्रतीत होता है|
  • चाय और कॉफ़ी का इस्तेमाल कमसेकम करें लेकिन सोने से पहले बिलकुल भी न करें|
  • अगर बेडरूम में टीवी या होम थिएटर है तो उसे दूसरी जगह लगायें इनका इस्ते16माल बेडरूम में या सोते हुए बिलकुल भी न करें |
  • बेड पर लेटने के बाद मोबाइल या किसी भी चीज़ का इस्तेमाल न करें|
  • रात का खाना बहुत ही हल्का खाएं और लेटने के कम से कम 2 घंटे पहले खाएं|
  • सोने से पहले पेय पदार्थ का इस्तेमाल कम करें |
  • सोने से पहले गुनगुने पानी से नहाने से नींद अच्छी आती है|
  • बेडरूम का वातावरण शांत और ठंडा रखें |
  • सोने का दिनचर्या बनायें और हमेशा एक ही समय पर सोने की कोशिश करें और कमसेकम 6-8 घंटे की नींद पूरी करें |
  • दिन में आधे घंटे ये ज्यादा सोने से बचें या बिलकुल भी न सोयें |
  • सोने से पहले सर में तेल का मालिश,अच्छी नींद में मदद कर सकता है|
  • सोने से पहले एक गिलास हल्का गर्म दूध का इस्तेमाल करना|
  • रोजाना कमसेकम 30 मिनट एक्सरसाइज करें या योगा करें |
  • खाने में ज़्यादातर हरी ताज़ी पत्तेदार सब्जियों का उपयोग करें |

यूनानी दवाओं से अनिद्रा (इनसोम्निया) का उपचार – Unani Medicine for Insomnia

इत्रीफल ज़मानी

  • औषधि की मात्रा– एक से दो चाय का चम्मच, आधा गिलास दूध या पानी के साथ सोने से पहले खाएं | ये अनिद्रा के साथ तनाव और पेट की समस्या को भी ठीक करता है|या

इत्रीफल सग़ीर

  • औषधि की मात्रा – दो चाय का चम्मच ,आधा गिलास दूध या पानी के साथ खाने से नींद न आने की समस्या का समाधान मुमकिन है |

रोग़न-ए-लबूब-ए-सबा

  • ये तेल पुराने इनसोम्निया में बहुत ही फायदेमंद है , सोने से पहले सर में मालिश करने से बहुत अच्छी नींद आती है|

आयुर्वेदिक दवाओं से अनिद्रा (इनसोम्निया) का उपचार – Ayurvedic Medicine for Insomnia

अश्वगंधा और ब्रह्मी

  • औषधि की मात्रा – एक चम्मच ब्रह्मी और एक चम्मच अश्वगंधा दो गिलास पानी में डालकर इतना उबालें कि पानी एक गिलास बचे|
  • इसका इस्तेमाल सोने से पहले करने से नींद न आने की समस्या का समाधान मुमकिन है|

मुलेठी

  • औषधि की मात्रा – एक चम्मच मुलेठी का पाउडर एक गिलास ठंडे दूध में डालकर अच्छे से मिलाएं और सोने से पहले उपयोग करें|

होम्योपैथिक दवाओं से अनिद्रा (इनसोम्निया) का उपचार – Homeopathic medicine for Insomnia

विटा सी 15 (सेडेटिव)

  • औषधि कि मात्रा – 10 ml दिन में दो बार थोड़े पानी के साथ इस्तेमाल करने से अनिद्रा और तनाव से मुक्ति मिल सकती है|

पैसिफोरा Q

  • औषधि कि मात्रा – 20 बूँद दिने में तीन बार थोड़े पानी के साथ इस्तेमाल करें |

और पढ़ें:- ह्रदय सम्बंधित छाती के दर्द और गैर ह्रदय सम्बंधित छाती के दर्द की पहचान

Also read:- Difference between Cardiac and Non Cardiac chest pain

और पढ़ें:- हार्ट अटैक के कारण , लक्षण , बचाव और इलाज के बारे में

और पढ़ें :- हार्ट अटैक के बाद क्या खाना चाहिए

संक्षिप्त

आजकल कल की व्यस्त ज़िन्दगी में शायद ही कोई शख्स होगा जो अनिद्रा से पीड़ित न हो| इसका सबसे सरल उपचार ये है कि खुदको अकेला ना महसूस होने दें दोस्तों और घर वालों के साथ समय बिताएं , छोटी छोटी खुशियों में सबको शामिल करें और दुसरो की ख़ुशी में खुद शामिल हों|खुश रहें और दूसरों को भी खुश रखें|

अगर आपको ये आर्टिकल अच्छा लगा तो दूसरों के साथ भी साझा करें, इससे हमें और अच्छा लिखने का हौसला मिलेगा|

अगर आपके पास कोई सुझाव या सवाल है तो हमें कमेंट् के द्वारा या मेल के ज़रिये भी मैसेज कर सकते हैं, हमारी कोशिश रहेगी की जल्दी से जल्दी आपके सवाल का जवाब दें या आपके सुझाव का अनुकरण करें |

Email address:- [email protected]

जानें :लेखक के बारे में

2 Comments

5 Trackbacks / Pingbacks

  1. Heart attack (दिल का दौरा पड़ने) के लक्षण, कारण,बचाव ,और इलाज
  2. मोटापा और वज़न कम करने का डाइट प्लान | diet plan for weight loss in 10 days
  3. डायबिटीज (शुगर, मधुमेह ) के प्रकार, कारण, बचाव, लक्षण, उपचार और घरेलु इलाज
  4. Chest pain (सीने में दर्द) के कारण ,लक्षण ,बचाव और इलाज
  5. Coronavirus news | Wuhan Coronavirus | 2019 Novel Coronavirus in Hindi

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*